केंद्रीय बजट 2025-26 के मुख्य बिंदु
विकास की यात्रा
"देश सिर्फ भूमि नहीं होता, बल्कि देश
उसके लोग होते हैं।"
विकसित भारत का लक्ष्य:
सुरक्षित
और समावेशी विकास
- भारत के
बढ़ते मध्य वर्ग की क्रय शक्ति को बढ़ाना
- निजी
क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा देना
- घरेलू
आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाना
- तेजी से आर्थिक विकास को बढ़ावा देना
गरीब, युवा, अन्नदाता और
नारी के लिए विकास योजनाएँ
कृषि और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा
- राष्ट्रीय
उच्च उत्पादकता बीज मिशन
- उच्च
उपज, कीट प्रतिरोधी और जलवायु
सहनशील बीजों का विकास
- बिहार
में मखाना बोर्ड की स्थापना
- उत्पादन, प्रसंस्करण
और विपणन में सुधार
- प्रधानमंत्री
धन-धान्य कृषि योजना
- 100 कृषि
जिलों को विकसित करने का लक्ष्य, 1.7 करोड़
किसानों को लाभ
- कॉटन
उत्पादकता मिशन
- 5-वर्षीय
योजना, उत्पादकता और स्थिरता में
सुधार
- किसान
क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत
विस्तारित ऋण सुविधा
- 7.7 करोड़
किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों
को ₹5 लाख तक का अल्पकालिक ऋण
- आत्मनिर्भरता के लिए दालों पर विशेष ध्यान
- जलवायु
सहनशील बीज, उच्च प्रोटीन सामग्री और
भंडारण सुविधाओं का विकास
- डाक
विभाग को ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उत्प्रेरक के रूप में विकसित करना
एमएसएमई और स्टार्टअप्स के लिए समर्थन
- एमएसएमई
के वर्गीकरण मानदंडों में संशोधन
- माइक्रो
एंटरप्राइजेज के लिए क्रेडिट कार्ड
- ₹5 लाख तक
की क्रेडिट सीमा, पहले वर्ष में 10 लाख
कार्ड जारी किए जाएंगे
- पहली
बार उद्यमियों के लिए नई योजना
- अगले 5 वर्षों
में 5 लाख नए उद्यमियों
(महिलाएं, एससी/एसटी शामिल) को ₹2 करोड़
तक का टर्म लोन
- रोजगार
केंद्रित उद्योगों के लिए योजनाएँ
- फुटवियर
और चमड़ा उद्योग → 22 लाख नौकरियाँ, ₹4 लाख
करोड़ का कारोबार
- खिलौना
उद्योग → क्लस्टर विकास और ‘मेड इन
इंडिया’ ब्रांड के तहत उच्च गुणवत्ता वाले खिलौने
- खाद्य
प्रसंस्करण क्षेत्र को समर्थन → बिहार
में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना
एमएसएमई एवं स्टार्टअप्स के लिए निवेश और क्रेडिट में वृद्धि:
- निर्यातक एमएसएमई के लिए ₹20 करोड़ तक के टर्म लोन पर क्रेडिट गारंटी कवर
जनकल्याण और सामाजिक न्याय
- सक्षम
आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 योजना
- अटल
टिंकरिंग लैब्स → 50,000 प्रयोगशालाएँ सरकारी
स्कूलों में
- ग्रामीण
क्षेत्रों में सभी सरकारी स्कूलों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में
ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी
- भारतीय
भाषा पुस्तक योजना → डिजिटल
प्रारूप में भारतीय भाषाओं में पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी
- कृत्रिम
बुद्धिमत्ता केंद्र (AI CoE) → ₹500
करोड़ का बजट
- चिकित्सा
शिक्षा का विस्तार → 10,000 नई
सीटें, अगले 5 वर्षों
में 75,000 सीटों की वृद्धि
- पीएम
स्वनिधि योजना में सुधार → बैंक ऋण, यूपीआई-लिंक्ड
क्रेडिट कार्ड
परिवहन, बुनियादी ढांचा और शहरी विकास
- शहरों
को विकास केंद्र बनाने के लिए ₹1 लाख
करोड़ का शहरी चुनौती कोष
- जल जीवन
मिशन का विस्तार 2028 तक
- ₹10 लाख
करोड़ की परिसंपत्ति मुद्रीकरण योजना (2025-30)
- विद्युत
सुधार योजनाएँ
- वितरण
सुधारों के लिए राज्यों को GDP का 0.5% अतिरिक्त
उधार
- राज्यों
के लिए बुनियादी ढांचा निवेश योजना
- ₹1.5 लाख
करोड़ का 50-वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण
- स्वामीह
फंड-2
- 1 लाख
मकानों के निर्माण हेतु ₹15,000 करोड़
- UDAN योजना
नवाचार और अनुसंधान में निवेश
- पीएम
रिसर्च फेलोशिप
- IITs और IISc में 10,000
शोधार्थियों को वित्तीय सहायता
- राष्ट्रीय
जियोस्पेशियल मिशन
- भूमि
रिकॉर्ड, शहरी योजना और बुनियादी
ढांचे के आधुनिकीकरण हेतु
- ज्ञान
भारतम मिशन
- 1 करोड़
से अधिक पांडुलिपियों का संरक्षण
- दूसरा
जीन बैंक स्थापित किया जाएगा
- 10 लाख
जर्मप्लाज्म लाइनों के साथ
- निजी
क्षेत्र द्वारा संचालित अनुसंधान और नवाचार योजना →
₹20,000 करोड़ का बजट
कर सुधार और वित्तीय क्षेत्र में बदलाव
- वित्तीय
क्षेत्र सुधार
- बीमा
क्षेत्र में FDI सीमा 74% से
बढ़ाकर 100%
- ग्रामीण
क्षेत्र के लिए "ग्रामिण क्रेडिट स्कोर" प्रणाली
- केंद्रीय
KYC रजिस्ट्रेशन का उन्नयन
- कर
सुधार
- नई
आयकर संहिता प्रस्तावित
- व्यक्तिगत
आयकर में बदलाव:
- वरिष्ठ
नागरिकों के लिए टैक्स छूट सीमा ₹50,000 से
बढ़ाकर ₹1 लाख
- किराए
पर TDS सीमा ₹2.4 लाख
से बढ़ाकर ₹6 लाख
- अपडेटेड
रिटर्न फाइलिंग की समय-सीमा 2 से
बढ़ाकर 4 साल
- दो
स्व-स्वामित्व वाली संपत्तियों की वार्षिक मूल्यांकन छूट
- सीमा
शुल्क सरलीकरण
- 7 टैरिफ
दरों को हटाया गया
- व्यापार
सुगमता के लिए नई प्रक्रियाएँ

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